ईद की नमाज़ का तरीका (6 ज़ायद तकबीरें)
नीयत: नीयत की मैंने 2 रकात नमाज़ ईद-उल-फितर (या ईद-उल-अजहा) की, वाजिब, मय 6 ज़ायद तकबीरों के, वास्ते अल्लाह तआला के, पीछे इस इमाम के।
पहली रकात:
- तहरीमा (अल्लाहु अकबर) कहकर हाथ बांधें और 'सना' (सुब्हानकल्लाहुम्मा...) पढ़ें।
- इमाम 3 बार अल्लाहु अकबर कहेंगे:
- पहली तकबीर पर हाथ कानों तक उठाकर छोड़ दें।
- दूसरी तकबीर पर भी हाथ उठाकर छोड़ दें।
- तीसरी तकबीर पर हाथ उठाकर नाफ के नीचे बांध लें।
- अब इमाम सूरह फातिहा और कोई सूरह पढ़ेंगे, फिर रुकू व सजदा करके दूसरी रकात के लिए खड़े होंगे।
दूसरी रकात:
- दूसरी रकात में पहले सूरह फातिहा और कोई सूरह पढ़ी जाएगी।
- रुकू में जाने से पहले इमाम 4 तकबीरें कहेंगे:
- पहली 3 तकबीरों पर हाथ कानों तक उठाकर छोड़ देने हैं (बांधने नहीं हैं)।
- चौथी तकबीर पर बिना हाथ उठाए सीधे रुकू में चले जाना है।
- इसके बाद बाकी नमाज़ आम नमाज़ की तरह पूरी करके सलाम फेर दें।
शब-ए-कद्र की खास मसनून दुआ
हज़रत आइशा (रज़ि.) ने रसूलुल्लाह ﷺ से पूछा कि अगर मुझे शब-ए-कद्र मिल जाए तो क्या पढ़ूँ? आप ﷺ ने फरमाया यह दुआ पढ़ो:
اللَّهُمَّ إِنَّكَ عَفُوٌّ تُحِبُّ الْعَفْوَ فَاعْفُ عَنِّي
हिंदी उच्चारण:
अल्लाहुम्मा इन्नका अफ़ुव्वुन तुहिब्बुल अफ़्वा फअफ़ु अन्नी।
तर्जुमा:
ऐ अल्लाह! तू बहुत माफ़ फरमाने वाला है, और माफ़ करने को पसंद करता है, इसलिए मेरे गुनाह माफ़ फरमा दे।