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सुबह और शाम के मसनून अज़कार

हर बला, जिन्नात, जादू और अचानक आने वाली मुसीबतों से हिफाज़त के नबवी अज़कार।

३ बार पढ़ें (सुबह व शाम)
بِسْمِ اللَّهِ الَّذِي لَا يَضُرُّ مَعَ اسْمِهِ شَيْءٌ فِي الْأَرْضِ وَلَا فِي السَّمَاءِ وَهُوَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ
हिंदी उच्चारण:

बिस्मिल्लाहिल्लज़ी ला यदुर्रु मअस्मिही शैउन फिल-अर्दि वला फिस-समाइ व हुवस-समीउल अलीम।

तर्जुमा:

अल्लाह के नाम से, जिसके नाम की बरकत से ज़मीन व आसमान की कोई चीज़ नुकसान नहीं पहुंचा सकती, और वह सब कुछ सुनने वाला और जानने वाला है।

(हदीस: जो सुबह-शाम 3 बार पढ़े उसे कोई चीज़ नुकसान नहीं पहुंचाएगी - तिर्मिज़ी)

३ बार पढ़ें (शाम को)
أَعُوذُ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّاتِ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ
हिंदी उच्चारण:

अऊज़ु बि-कलिमातिल-लाहित-ताम्माति मिन शर्रि मा ख़लक।

तर्जुमा:

मैं अल्लाह के मुकम्मल कलिमात की पनाह मांगता हूँ उसकी तमाम मख्लूक के शर (बुराई) से।

३ बार पढ़ें (सुबह व शाम)
رَضِيتُ بِاللَّهِ رَبًّا، وَبِالْإِسْلَامِ دِينًا، وَبِمُحَمَّدٍ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَبِيًّا
हिंदी उच्चारण:

रदीतु बिल्लाहि रब्बन, व बिल-इस्लामि दीनन, व बि-मुहम्मदिन सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लमा नबिय्या।

तर्जुमा:

मैं अल्लाह के रब होने पर, इस्लाम के दीन होने पर और हज़रत मुहम्मद ﷺ के नबी होने पर राज़ी हुआ।

१०० बार पढ़ें (सुबह व शाम)
سُبْحَانَ اللَّهِ وَبِحَمْدِهِ
हिंदी उच्चारण:

सुब्हानल्लाहि व बि-हम्दिही।

तर्जुमा:

अल्लाह पाक है अपनी खूबियों और तारीफों के साथ।

(हदीस: जो 100 बार पढ़े उसके तमाम गुनाह माफ कर दिए जाते हैं चाहे समंदर के झाग बराबर हों - बुखारी)

१ बार पढ़ें (सैय्यदुल इस्तिकफार)
اللَّهُمَّ أَنْتَ رَبِّي لَا إِلَهَ إِلَّا أَنْتَ، خَلَقْتَنِي وَأَنَا عَبْدُكَ، وَأَنَا عَلَى عَهْدِكَ وَوَعْدِكَ مَا اسْتَطَعْتُ، أَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّ مَا صَنَعْتُ، أَبُوءُ لَكَ بِنِعْمَتِكَ عَلَيَّ، وَأَبُوءُ لَكَ بِذَنْبِي فَاغْفِرْ لِي فَإِنَّهُ لَا يَغْفِرُ الذُّنُوبَ إِلَّا أَنْتَ
हिंदी उच्चारण:

अल्लाहुम्मा अन्ता रब्बी ला इलाहा इल्ला अन्ता, खलक़्तनी व अना अब्दुका, व अना अला अहदिका व व'दिका मस्ततअ्तु, अऊज़ु बिका मिन शर्रि मा सनअ्तु, अबू-उ लका बि-नि'मतिका अलैया, व अबू-उ लका बि-ज़म्बी फग़फ़िर ली, फ-इन्नहू ला यग़फिरुज़-ज़ुनूबा इल्ला अन्ता।