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नज़र-ए-बद और शिफा की मसनून दुआएं

बुरी नज़र, दर्द और हर किस्म की बीमारी से निजात के लिए नबवी नुस्खे

1. बच्चों और बड़ों को बुरी नज़र से बचाने की दुआ

(रसूलुल्लाह ﷺ हज़रत हसन व हुसैन को इस दुआ से दम फरमाते थे)

أَعُوذُ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّةِ مِنْ كُلِّ شَيْطَانٍ وَهَامَّةٍ وَمِنْ كُلِّ عَيْنٍ لَامَّةٍ
हिंदी उच्चारण:

अऊज़ु बि-कलिमातिल्लाहित-ताम्मति मिन कुल्लि शैतानिंव-व हाम्मतिंव-व मिन कुल्लि अय्निल-लाम्मह।

हिंदी तर्जुमा:

मैं अल्लाह के पूरे-पूरे कलिमात की पनाह मांगता हूँ हर एक शैतान से, हर ज़हरीले जानवर से, और हर नुकसान पहुंचाने वाली बुरी नज़र से। (सहीह बुखारी)

2. जिस्म में दर्द या बीमारी के वक्त की दुआ

तरीका: दर्द की जगह सीधा हाथ रखें, 3 बार "बिस्मिल्लाह" कहें और 7 बार यह दुआ पढ़ें:

أَعُوذُ بِاللَّهِ وَقُدْرَتِهِ مِنْ شَرِّ مَا أَجِدُ وَأُحَاذِرُ
हिंदी उच्चारण:

अऊज़ु बिल्लाहि व कुदरतिही मिन शर्री मा अजिदु व उहाज़िरु।

हिंदी तर्जुमा:

मैं अल्लाह की और उसकी कुदरत की पनाह चाहता हूँ उस तकलीफ के शर से जो मैं महसूस कर रहा हूँ और जिससे डरता हूँ। (सहीह मुस्लिम)