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कुरआन पाक की 40 रब्बना दुआएं

कुरआन मजीद की वो अज़ीम दुआएं जो 'रब्बना' (ऐ हमारे रब) से शुरू होती हैं:

1. दुनिया और आखिरत की भलाई की दुआ (सूरह अल-बकरा: 201)
رَبَّنَا آتِنَا فِي الدُّنْيَا حَسَنَةً وَفِي الْآخِرَةِ حَسَنَةً وَقِنَا عَذَابَ النَّارِ
हिंदी उच्चारण:

रब्बना आतिना फिद-दुनिया ह़सनतंव वफिल आखिरति ह़सनतंव वकिना अज़ाबन-नार।

तर्जुमा:

ऐ हमारे रब! हमें दुनिया में भी भलाई अता फरमा और आखिरत में भी भलाई अता फरमा और हमें आग (जहन्नम) के अज़ाब से बचा।

2. सब्र और साबित-कदमी की दुआ (सूरह अल-बकरा: 250)
رَبَّنَا أَفْرِغْ عَلَيْنَا صَبْرًا وَثَبِّتْ أَقْدَامَنَا وَانْصُرْنَا عَلَى الْقَوْمِ الْكَافِرِينَ
हिंदी उच्चारण:

रब्बना अफरिग़ अलैना सब्रंव व सब्‍बित अकदा-मना वनसुरना अलल कौमिल काफ़िरीन।

तर्जुमा:

ऐ हमारे रब! हम पर सब्र उड़ेल दे, हमारे कदम जमाए रख और काफिरों की कौम के मुकाबले में हमारी मदद फरमा।

3. हिदायत पर कायम रहने की दुआ (सूरह आले-इमरान: 8)
رَبَّنَا لَا تُزِغْ قُلُوبَنَا بَعْدَ إِذْ هَدَيْتَنَا وَهَبْ لَنَا مِنْ لَدُنْكَ رَحْمَةً إِنَّكَ أَنْتَ الْوَهَّابُ
हिंदी उच्चारण:

रब्बना ला तुज़िग कुलूबना बा'दा इज़ हदैतना व हब लना मिल लदुन्का रहमह, इन्नका अन्तल वह्हाब।

तर्जुमा:

ऐ हमारे रब! जब तूने हमें हिदायत बख्श दी है तो इसके बाद हमारे दिलों को टेढ़ा न होने दे और अपने पास से हमें रहमत अता फरमा, बेशक तू ही सबसे बड़ा दाता है।

4. मगफिरत व बख्शिश की दुआ (सूरह अल-आराफ: 23)
رَبَّنَا ظَلَمْنَا أَنْفُسَنَا وَإِنْ لَمْ تَغْفِرْ لَنَا وَتَرْحَمْنَا لَنَكُونَنَّ مِنَ الْخَاسِرِينَ
हिंदी उच्चारण:

रब्बना ज़लम्ना अन्फुसना व इल-लम तगफिर लना व तरहम्ना लनकूनन्ना मिनल खास़िरीन।

तर्जुमा:

ऐ हमारे रब! हमने अपनी जानों पर ज़ुल्म किया, और अगर तूने हमें न बख्शा और हम पर रहम न फरमाया तो यकीनन हम नुकसान उठाने वालों में से हो जाएंगे।